चंद्र महादशा
चंद्र महादशा अक्सर कैसी होती है
चंद्र आपके मन, मां और घर से जुड़ा है। यह दौर भावनाओं, परिवार और सुकून का है। मूड सामान्य से ज़्यादा ऊपर-नीचे हो सकता है।
कोई भी दौर सिर्फ़ अच्छा या बुरा नहीं होता। यह आपके लिए क्या लाएगा, यह इस पर निर्भर करता है कि आपकी कुंडली में चंद्र कहां बैठा है: किस भाव में, किस राशि में, और किन ग्रहों के साथ।
किनका जीवन चंद्र महादशा से शुरू होता है?
जिनके जन्म के समय चंद्र रोहिणी, हस्त, श्रवण में हो, उनका जीवन चंद्र महादशा से शुरू होता है।
चंद्र महादशा की 9 अंतर्दशाएं
हर महादशा नौ छोटे हिस्सों में बंटी होती है, जिन्हें अंतर्दशा कहते हैं। ये चंद्र से ही शुरू होती हैं और उसी क्रम में चलती हैं।
| अंतर्दशा | लगभग |
|---|---|
| चंद्र / चंद्र | 0 साल 10 महीने |
| चंद्र / मंगल | 0 साल 7 महीने |
| चंद्र / राहु | 1 साल 6 महीने |
| चंद्र / गुरु | 1 साल 4 महीने |
| चंद्र / शनि | 1 साल 7 महीने |
| चंद्र / बुध | 1 साल 5 महीने |
| चंद्र / केतु | 0 साल 7 महीने |
| चंद्र / शुक्र | 1 साल 8 महीने |
| चंद्र / सूर्य | 0 साल 6 महीने |
क्या इसे आसान या मुश्किल बनाता है
जब चंद्र अपनी राशि में हो, तो यह आसान लगती है: कर्क। वृषभ में चंद्र उच्च का होता है, तब यह सबसे मज़बूत होती है।
चंद्र महादशा के लिए आसान सुझाव
- सोने और खाने का एक तय ढर्रा रखें।
- मां और उन लोगों के करीब रहें जिनके साथ आपको घर जैसा लगता है।
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