सूर्य महादशा
सूर्य महादशा अक्सर कैसी होती है
सूर्य आपके आत्मसम्मान, पिता और अधिकारी लोगों से जुड़ा है। इस दौर में आप चाहते हैं कि लोग आपको देखें और मानें। बड़ों और सरकारी कामों से जुड़ी बातें अक्सर सामने आती हैं।
कोई भी दौर सिर्फ़ अच्छा या बुरा नहीं होता। यह आपके लिए क्या लाएगा, यह इस पर निर्भर करता है कि आपकी कुंडली में सूर्य कहां बैठा है: किस भाव में, किस राशि में, और किन ग्रहों के साथ।
किनका जीवन सूर्य महादशा से शुरू होता है?
जिनके जन्म के समय चंद्र कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा में हो, उनका जीवन सूर्य महादशा से शुरू होता है।
सूर्य महादशा की 9 अंतर्दशाएं
हर महादशा नौ छोटे हिस्सों में बंटी होती है, जिन्हें अंतर्दशा कहते हैं। ये सूर्य से ही शुरू होती हैं और उसी क्रम में चलती हैं।
| अंतर्दशा | लगभग |
|---|---|
| सूर्य / सूर्य | 0 साल 4 महीने |
| सूर्य / चंद्र | 0 साल 6 महीने |
| सूर्य / मंगल | 0 साल 4 महीने |
| सूर्य / राहु | 0 साल 11 महीने |
| सूर्य / गुरु | 0 साल 10 महीने |
| सूर्य / शनि | 0 साल 11 महीने |
| सूर्य / बुध | 0 साल 10 महीने |
| सूर्य / केतु | 0 साल 4 महीने |
| सूर्य / शुक्र | 1 साल 0 महीने |
क्या इसे आसान या मुश्किल बनाता है
जब सूर्य अपनी राशि में हो, तो यह आसान लगती है: सिंह। मेष में सूर्य उच्च का होता है, तब यह सबसे मज़बूत होती है।
सूर्य महादशा के लिए आसान सुझाव
- जहां हो सके आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी लें, पर विनम्र रहें।
- अपनी सेहत और आंखों का ध्यान रखें, और पिता के साथ समय बिताएं।
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